विकास के रास्ते

जब पगडंडियाँ
कोलतार पीती थीं
कहते थे
विकास के रास्ते
खुले हैं

अब
कोलतार
पगडंडियों को
निगल चुकी है
कहते हैं
विनाश की बारी है

सड़क पर: कुछ दृश्य

 नो एंट्री में 
घुसने से रोकती
ट्रैफिक पुलिस
मुट्ठी बंद होते ही
बन जाता था रास्ता
◆
नेताजी चले
गांधीगिरी दिखाने
पीछे अंगरक्षक
सशस्त्र !
◆
नो पार्किंग जोन में
खडी थी कार
पीछे लिखा था
भारत सरकार
◆
मंडी में
सब्जियों की उगाही करती
पुलिस !!!
औरों के लिये
गैरकानूनी..!